यूकेक 2,000 वयस्कपर डस्कक अध्ययनसँ पता चलल जे 68 प्रतिशत लोक मानैत छथि जे जे व्यक्तिक सङ्ग ओ ओछायन साझा करैत छथि हुनका नींदक कष्टप्रद आदत छैक। एकर बावजुद, मात्र 24 प्रतिशत ब्रिटिश लोकनि स्वयंकेँ एकटा परेशान करय बला शयनकर्ता मानैत छथि। हमर साथीक निराशाजनक नींदक आदतक अतिरिक्त, 36 प्रतिशत लोक कहैत छथि जे वर्तमानमे एकटा असुविधाजनक बिस्तरक कारणेँ हुनक नींदमे बाधा आबि रहल अछि।
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