देशक अद्वितीय कानूनक कारण जापानमे हर साल उपनामक संख्या कम भऽ रहल अछि जाहिमे विवाहित युगलकेँ एकहि उपनाम साझा करबाक आवश्यकता छैक। वर्तमान मे जापान मे सबसँ आम उपनाम साटो छै, जे आबादी के डेढ़ प्रतिशत छैक। व्यापारी नेता सेहो वर्तमान व्यवस्थामे बदलावक आह्वान कऽ रहल छथि।
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